अयोध्या फैसला: हर जिले में बनाई जाएंगी अस्थायी जेल, इंटरनेट सेवा भी हो सकती है बंद

अयोध्या से संबंधित फैसले के मद्देनजर तैयारियां जारी हैं। इसके तहत हर जिले में अस्थायी जेल बनाए जाएंगे। जिलों में चुनाव के मौके पर किए जाने वाले सुरक्षा इंतजाम की तर्ज पर अलग-अलग जोन और सेक्टर में बांट कर फोर्स की तैनाती और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।



सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर प्रदेश में पहले से ही संवेदनशीलता बढ़ी हुई है, ऊपर से राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों ने हर हालात से निपटने के लिए समय रहते जरूरी बंदोबस्त किए जाने की ताकीद की हुई है। इसी के बाद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने भी दिनों अयोध्या में आयोजित हुए दीपोत्सव पर्व की तैयारियों की समीक्षा के लिए पहुंच कर वहां आगे की तैयारियों का आकलन किया था। 

केंद्रीय खुफिया एजेंसी के उच्च अधिकारी भी अयोध्या के अलावा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने पहुंचे थे। राज्य व केंद्र की खुफिया एजेंसियों की टीमों ने इन सभी धार्मिक स्थलों पर डेरा डाला हुआ है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। हालांकि इस बार सुरक्षा इंतजाम 2010 में किए गए सुरक्षा प्रबंधों पर ही आधारित किए गए हैं पर अतिरिक्त एहतियात बरतते हुए इस मामले में राज्य स्तर पर वही तैयारी की जा रही है जो चुनावों के दौरान की जाती है। 

इसके तहत सभी जिलों में अस्थायी जेलों के निर्धारण को कहा गया है। अयोध्या व आस-पास के जिलों में ऐसी अस्थायी जेलों की संख्या अधिक रखी जा रही है। जिलों में स्कूलों आदि को इसके लिए चुना गया है। इसी के तहत यह भी तय किया गया है कि अयोध्या समेत अन्य सभी जिलों को जोन व सेक्टर में बांटा जाए और इन सभी में राजपत्रित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाए।