पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के जमानत प्रार्थना पत्र पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में आठ नवंबर को बहस होगी। हालांकि उन पर लगे दुष्कर्म के मामले में एसआईटी अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है।
चिन्मयानंद एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप मेें 20 सितंबर से जिला कारागार में बंद हैं। उनकी जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाला गया था। जिसे निरस्त कर दिया गया था।
इसके बाद उनकी जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र डाला गया। जिस पर 30 अक्तूबर को हाईकोर्ट में कोर्ट संख्या 67 के जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की कोर्ट में उनके प्रार्थना पत्र पर बहस हुई।
जिसमें चिन्मयानंद के वकील दिलीप गुप्ता और मनीष सिंह ने दलील देते हुए कहा कि फिरौती के लिए एक गैंग के रूप में काम करने वाली छात्रा और उसके दोस्तों ने चिन्मयानंद को षडयंत्र के तहत फंसाया है।
दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया और छात्रा का पक्ष रखने के लिए उनके वकील से चार नवंबर तक का समय दिया था। इसके बाद बहस की तारीख आठ नवंबर तय की थी।
छात्रा के वकील की ओर से चार नवंबर को पक्ष कोर्ट में पेश कर दिया गया। अब आठ नवंबर को जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस होगी।
दुष्कर्म पीड़ित छात्रा भी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में 25 सितंबर से जेल में बंद है। उसकी जमानत का प्रार्थना पत्र छह नवंबर को निरस्त होने के बाद अब 29 नवंबर को बहस होगी।